क्या आपने कभी सोचा है कि हमारा शरीर खाने से ऊर्जा कैसे बनता है या फिर क्यों कुछ लोगों को दिल की बीमारियां जल्दी घेर लेती हैं? इन सवालों का जवाब हमारे शरीर की बहुत ही जटिल प्रक्रिया में छिपा हुआ है, जिसे मेटाबॉलिज्म कहा जाता है. यह प्रक्रिया तय करती है कि हमारा शरीर खाना कैसे पचाता है, ऊर्जा कैसे बनती है और सेहत पर कौन-कौन से असर डाल सकता है. ऐसे में चलिए अब हम आपको बताते हैं कि खून के हर कतरे में सेहत का राज कैसे छिपा है और वैज्ञानिकों ने कौन-से नए जीन की खोज की है.
वैज्ञानिकों ने खोजे 750 नए जीन
हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक ऐसी खोज की है, जिसने सेहत और बीमारियों की समझ को नया नजरिया दिया है. दरअसल, वैज्ञानिकों ने 750 से ज्यादा ऐसे जीन की पहचान की है, जो हमारे खून में मौजूद छोटे-छोटे मॉलिक्यूल्स जैसे लिपिड और अमीनो एसिड को कंट्रोल करते हैं. यह मॉलिक्यूल्स हमारे शरीर की लगभग हर रासायनिक प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं.
4.5 लाख लोगों पर हुई रिसर्च
यह रिसर्च यूके बायो बैंक के करीब 4.5 लाख लोगों के जेनेटिक डेटा पर आधारित है. इस रिसर्च की खास बात यह रही है कि इसमें यूरोपीय, अफ्रीकी और एशियाई मूल के लोग शामिल थे. स्टडी में यह सामने आया है कि मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करने वाले यह जीन लगभग सभी वंशों और यहां तक की पुरुषों और महिलाओं में भी एक जैसे पाए गए. इसका मतलब है कि इस रिसर्च के रिजल्ट किसी एक कैटेगरी पर नहीं बल्कि पूरी दुनिया की आबादी पर लागू होता है. वहीं इस रिसर्च में वैज्ञानिकों को कुछ ऐसे नए जीन भी मिले जिनकी भूमिका पहले कभी मेटाबॉलिज्म से नहीं जोड़ी गई थी. यही नहीं कई ऐसे जीव भी मिले जो उन जीन्स के साथ जुड़े हैं, जो दिल की बीमारियों, मोटापे या डायबिटीज जैसी स्थितियों के खतरे को बढ़ाते हैं. इस स्टडी का सबसे अहम पहलू एक नया जीव VEG है, जो शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस जीन की समझ से दिल से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम और इलाज के लिए नई दवाओं के रास्ते खुल सकते हैं.
मेटाबॉलिज्म को समझने का नया तरीका
इस रिसर्च को लेकर सामने आया है कि यह पहली बार है जब वैज्ञानिक सैकड़ों ब्लू मॉलिक्यूल्स के जेनेटिक कंट्रोल को व्यवस्थित रूप से मैप कर पाए है. इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कौन से जीन बीमारियों के खतरे को बढ़ाते हैं और कौन-से हमारी सही सेहत को मजबूत बनाते हैं.

