बिहार चुनाव के बीच राहुल गांधी ने फिर एक बार चुनाव आयोग और सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता ने सीधे आरोप लगाया कि “वोट चोरी” इस बार और भी बड़े पैमाने पर की गई है—खासतौर पर युवाओं और Gen Z वोटर्स के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करके। राहुल गांधी ने दावा किया कि लाखों मतदाताओं के नाम पहले ही वोटर लिस्ट से हटा दिए गए, और अब मतदान केंद्रों पर लोगों को वोट डालने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार के अलग-अलग जिलों से आ रही वीडियो और रिपोर्टें इस “चुनावी हेराफेरी” की पूरी कड़ी को जोड़ती हैं।
कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी की हाल ही में शुरू की गई ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का मकसद जनता को यह बताना था कि “SIR सिस्टम के जरिए मतदाता सूची में किस तरह गड़बड़ियाँ की जा रही हैं।” राहुल गांधी के मुताबिक हरियाणा में किस प्रकार वोट चोरी कर सरकार बनाई गई, इसके “पूरे सबूत” उनके पास हैं—और अब वही पैटर्न बिहार में दोहराया जा रहा है।
इसी के साथ राहुल गांधी ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि भाजपा के कुछ नेता और कार्यकर्ता, जिन्होंने पहले दूसरे राज्यों में मतदान किया था, अब बिहार में भी वोट डाल रहे हैं। सबसे बड़ा हमला उन्होंने चुनाव आयोग पर किया, जहाँ उन्होंने शीर्ष अधिकारियों—ज्ञानेश कुमार, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी—को लोकतंत्र और मताधिकार के साथ “सबसे बड़ा खिलवाड़ करने वाला” तक कह दिया। राहुल गांधी के शब्दों में, “जिन्हें जनता के वोट की रक्षा करनी थी, वही अब भविष्य की चोरी में साझेदार बन गए हैं।

