बिहार चुनाव के दूसरे चरण से पहले औरंगाबाद की विशाल रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी आक्रामक मुद्रा में दिखे। उन्होंने महागठबंधन और तेजस्वी यादव पर सीधा हमला करते हुए कहा कि विपक्ष की सोच अभी से बच्चों को “रंगदारी और बंदूक संस्कृति” की तरफ धकेलने वाली है। पीएम मोदी ने कहा कि अगर “भैया की सरकार” आती है तो कट्टा, दुनाली, फिरौती और रंगदारी फिर से बिहार की पहचान बन जाएगी, इसलिए राज्य को ऐसी “कट्टा सरकार” की नहीं, स्थिरता और विकास की ज़रूरत है। PM ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और RJD सत्ता पाने के लिए किसी को भी धोखा दे सकते हैं और आरजेडी ने “सीएम चेहरा बंदूक की नोक पर छीन लिया है।”
उन्होंने दावा किया कि पहले चरण की वोटिंग ने साफ कर दिया है कि जनता जंगलराज की वापसी नहीं चाहती। पीएम मोदी ने कहा कि बिहार का युवा अब खाली वादों पर नहीं, बल्कि NDA की नीयत और काम पर भरोसा कर रहा है। भाषण के दौरान उन्होंने NDA सरकार की योजनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि बिहार के हर ज़िले की क्षमता के अनुसार उद्योग, पर्यटन, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मोदी ने अपने संबोधन में अयोध्या राम मंदिर, अनुच्छेद 370 हटाने और पाकिस्तान पर हुए ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “जो कहा था वो करके दिखाया—राम मंदिर भी बना, 370 भी गिरा और पाकिस्तान को जवाब भी मिला।” रैली में उनका संदेश स्पष्ट था—बिहार को सुरक्षा, निवेश और उद्योग चाहिए, न कि बंदूक, भय और फिरौती का पुराना दौर।
