जमुई में शुक्रवार को चुनावी रैली के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पूरी आक्रामक शैली में नज़र आए। भीड़ के उत्साह के बीच शाह ने तेजस्वी यादव और RJD पर सख़्त हमला बोलते हुए कहा कि NDA की जीत बिहार को विकास के नए चरण की ओर ले जाएगी, जबकि “लालू के बेटे जीतते हैं तो वे अपहरण का नया विभाग खोल देंगे।” अमित शाह ने दावा किया कि पहले चरण की वोटिंग में ही जनता ने साफ संकेत दे दिया है कि ‘भेष बदलकर आने वाला जंगलराज’ इस बार न तो स्वीकार होगा और न ही वापस आएगा।
अमित शाह ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में सड़कों से लेकर इथेनॉल प्लांट तक मजबूत आधार तैयार किया है, और अगले पांच सालों में राज्य को पूरी तरह विकसित करने का लक्ष्य तय है। भीड़ के उत्साह को देखते हुए उन्होंने अपील की—“11 नवंबर को ऐसा बटन दबाना कि करंट इटली तक पहुंचे।” इसके साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि लालू-राबड़ी शासन में बारातों के साथ उगाही के लिए कट्टाधारी लोग चलते थे, अपहरण-फिरौती की घटनाएँ चरम पर थीं और उद्योग-व्यापार ठप हो गए थे।
नक्सलवाद पर बोलते हुए शाह ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों ने बिहार को नक्सल हिंसा से लगभग मुक्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि मुंगेर-जमुई बॉर्डर का चोरमारा गांव 25 साल बाद नक्सलमुक्त हुआ है और पहले जहाँ 3 बजे तक मतदान होता था, आज 5 बजे तक शांति से वोट पड़ रहे हैं। शाह का पूरा भाषण एक ही संदेश देता दिखा—बिहार को विकास चाहिए, डर और बंदूक संस्कृति की वापसी नहीं।

