लखनऊ। सूबे की राजधानी लखनऊ में नागरिकता को प्रमाणित करने वाले कागज मांगते ही 160 सफाई कर्मचारी नौकरी छोड़कर भाग गए हैं।लखनऊ महापौर सुषमा खर्कवाल गुरुवार को ऐक्शन में उतरीं।महापौर ने लखनऊ में अवैध ढंग से रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया।अधिकारियों को तत्काल जांच करने और उचित कदम उठाने का निर्देश दिया।
लखनऊ महापौर सुषमा खर्कवाल ने दावा किया है कि उनके द्वारा चलाए गए ऑपरेशन के दौरान 160 कर्मचारी भाग गए।शक है कि वे सब रोहिंग्या,बांग्लादेशी थे।जैसे ही जांच शुरू हुई ये भाग गए।हम आधार चेक कर रहे हैं। ये खुद को असम का बताते हैं तो हम एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) भी चेक कर रहे हैं।बता दें कि ये सभी कर्मचारी कूड़ा प्रबंधन का काम कर रही कंपनी से जुड़े थे। कंपनी ने जब उनसे अभिलेख मांगे तो वे भाग गए।
महापौर सुषमा खर्कवाल ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा कि इनसे कागज मांगे गए थे,लेकिन दिखाने से पहले ही जिस दिन इन्हें बुलाया गया था,ये भाग निकले।महापौर ने आशंका जताई कि ये संदिग्ध दिन में सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करते हैं और रात में वारदात करते हैं।महापौर ने कहा कि पिछले साल नवंबर-दिसंबर में एक वारदात हुई थी,जिसमें छह लोग पकड़े गए थे,वे सभी रोहिंग्या थे।
बुधवार को घुसपैठियों के खिलाफ यूपी में अभियान चलाने और हर मंडल में एक डिटेंशन सेंटर बनाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद लखनऊ महापौर सुषमा खर्कवाल गुरुवार को ऐक्शन मोड में नजर आईं।महापौर ने लखनऊ में अवैध ढंग से रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया। अधिकारियों को तत्काल जांच करने और उचित कदम उठाने का निर्देश दिया। महापौर ने आम लोगों से भी सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने की अपील की है।
बता दें कि राजधानी लखनऊ में अवैध झुग्गी बस्तियों में लोगों की नागरिकता की जांच की जा रही है।महापौर ने गुडंबा थाने के पास खुद भी मौके पर जाकर जांच-पड़ताल की है। शक है कि लखनऊ में बड़ी संख्या में संदिग्ध बांग्लादेशी रह रहे हैं। जांच अभियान शुरू होने के बाद वे इधर-उधर भाग गए हैं।
