दोस्तों… यूपी में SIR को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ इस वक्त फुल एक्शन मोड में हैं और उनकी लगातार ज़मीनी एक्टिविटी ने पूरे प्रदेश की राजनीति में जबरदस्त हलचल मचा दी है। योगी सरकार साफ संदेश दे रही है—“एक भी पात्र वोटर छूटना नहीं चाहिए… और एक भी फर्जी नाम बचना नहीं चाहिए!” यही वजह है कि सीएम योगी पिछले कई दिनों से लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं, कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर रहे हैं और हर बैठक में एक ही बात दोहरा रहे हैं—“मतदाता सूची की सफाई ही लोकतंत्र की मजबूती है।”* योगी आदित्यनाथ ने पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सीधे जनता के बीच जाएं, घर–घर संपर्क बनाएं और यह सुनिश्चित करें कि जो नागरिक पात्र है उसका नाम सूची में जरूर जुड़ जाए, और जो अपात्र है उसे बिना किसी दबाव के बाहर कर दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि बीएलए और बूथ लेवल टीमों के साथ तालमेल बनाकर हर बूथ पर गहन जांच होनी चाहिए, क्योंकि यह सिर्फ एक चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्रहित का बड़ा काम है। सीएम योगी ने कार्यकर्ताओं को यह भी याद दिलाया कि सरकार की योजनाओं का लाभ तभी सार्थक है जब सही मतदाता सही तरीके से दर्ज हों और कोई भी वोट राजनीतिक खेल का औजार न बने। अपने लगातार जिलों के दौरे में योगी आदित्यनाथ न सिर्फ कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दे रहे हैं, बल्कि SIR अभियान में हो रही प्रगति की कड़ाई से समीक्षा भी कर रहे हैं। उनका मैसेज साफ है—
“2027 की तैयारी अभी से… और शुरुआत मतदाता सूची की शुचिता से! यूपी की राजनीति में यह पहला मौका है जब एक मुख्यमंत्री स्वयं बूथ स्तर की प्रक्रिया में इतनी गहराई से उतरकर एक्टिव रोल निभा रहा है, और यही योगी की इस ‘SIR स्ट्रैटेजी’ को विपक्ष के लिए सबसे खतरनाक और बीजेपी के लिए सबसे मजबूत हथियार बना रहा है।
ब्यूरो रिपोट – सुमित शर्मा

