दोस्तो संसद के शीतकालीन सत्र में वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर चल रही गरमागरम बहस के बीच आज कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ऐसा प्रहार किया कि पूरा सियासी तापमान अचानक ऊपर चढ़ गया। पीएम मोदी ने नेहरू पर टिप्पणी की, पर इमरान मसूद ने मीडिया के सामने अचानक पलटवार करते हुए बीजेपी पर सीधा हमला बोला और कहा— “अगर पंडित नेहरू न होते तो आप भी नहीं होते, आपकी आइडियोलॉजी भी नहीं होती!”मसूद यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि आज जिन लोगों की राजनीति नेहरू को बदनाम करने पर टिकी है, वह भूल जाते हैं कि देश का पूरा ब्लू प्रिंट नेहरू ने बनाया, आत्मनिर्भर भारत की नींव नेहरू ने रखी, और आज जो लोग खुद को राष्ट्रवादी बताते फिरते हैं, वही लोग देश के संसाधन बेचते जा रहे हैं। इमरान मसूद ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह इतिहास तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है, जबकि सच यह है कि नेहरू इतने उदार थे कि उन्होंने सभी विचारधाराओं को साथ रखा, यहां तक कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी अपनी कैबिनेट में शामिल किया और संघ पर से प्रतिबंध हटाया। मसूद ने तीखे शब्दों में हमला करते हुए कहा— “जिन्होंने माफी मांगकर अपनी जान बचाई, वे आज वंदे मातरम् की बात करते हैं। हिंदू महासभा ने जिन्ना के साथ मिलकर सरकार बनाई थी और उनके लोग मंत्री बने थे,
आज वे राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ा रहे हैं!”उन्होंने कहा कि बीजेपी की राजनीति सिर्फ कांग्रेस और गांधी परिवार को डराने पर आधारित है, लेकिन इतिहास कभी छुप नहीं सकता—नेहरू की सोच उदार थी, उनका दिल बड़ा था और उन्होंने आधुनिक भारत को मजबूत आधार दिया। उधर पीएम मोदी ने सदन में कहा कि 1937 में मुस्लिम लीग के वंदे मातरम् विरोध के बाद नेहरू खुद असमंजस में पड़ गए थे और अपनी कुर्सी हिलती देखकर उन्होंने गीत की पड़ताल शुरू कर दी। लेकिन इस दावे पर इमरान मसूद ने साफ कहा— “नेहरू की राजनीति सिंहासन बचाने की नहीं, भारत को आगे बढ़ाने की थी।” कुल मिलाकर, आज संसद में नेहरू बनाम मोदी की बहस ने सियासत में ऐसी चिंगारी लगा दी है, जिसकी गर्मी आने वाले दिनों में खूब महसूस होगी।
ब्यूरो रिपोट – सुमित शर्मा

