नई दिल्ली।रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दिल्ली दौरे के बाद भारत ने कूटनीति की सधी हुई दूसरी चाल चली है।भारत अब यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को नई दिल्ली बुलाने पर विचार कर रहा है।भारत की कोशिश है कि यूक्रेन युद्ध के दोनों पक्षों से बराबर कूटनीतिक संपर्क रखा जाए।कूटनीतिक गलियारे में इसे भारत की विदेश नीति का बैलेंसिंग एक्ट माना जा रहा है।अगले साल जनवरी में जेलेंस्की का दिल्ली दौरा हो सकता है। बरहाल अभी इस दौरे की तारीख तय नहीं हो सकी है।
मिली जानकारी के मुताबिक भारत कई हफ्तों से यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय से संपर्क में है।भारत की कोशिश रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नई दिल्ली दौरे से पहले से ही चल रही है।भारतीय और यूक्रेनी अधिकारियों के बीच कई हफ़्तों से बातचीत चल रही है।पुतिन के भारत आने से पहले ही नई दिल्ली ज़ेलेंस्की के ऑफिस के संपर्क में थी।
जेलेंस्की की यात्रा से भारत को रूस-यूक्रेन युद्ध के दोनों पक्षों के साथ जुड़े रहने की कोशिशों को बल मिलेगा।भारत इस नीति पर कई महीनों से चल रहा है।यही कारण है कि जुलाई 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब मॉस्को गए और पुतिन से मिले तो इसके एक महीने बाद ही अगस्त में पीएम मोदी ने यूक्रेन का दौरा किया था।
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के प्रस्तावित दौरे का समय और दायरा कई बातों पर निर्भर करेगा,इसमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना कैसे आगे बढ़ती है और युद्ध के मैदान में क्या होता है।
ज़ेलेंस्की की सरकार अभी एक बड़े भ्रष्टाचार घोटाले में फंसे होने की वजह से दबाव में है,उसका भी इस प्रस्तावित दौरे पर असर पड़ सकता है।खास बात यह है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की अबतक सिर्फ तीन बार भारत आए हैं,ये मौके थे 1992, 2002 और 2012।
वाल्दिमीर पुतिन की यात्रा पर यूरोप की कड़ी नजर थी।कई यूरोपीय दूतों ने भारत से मॉस्को पर युद्ध खत्म करने का दबाव डालने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने का आग्रह किया है।भारत ने लगातार कहा है कि बातचीत और कूटनीति ही आगे बढ़ने का एकमात्र सही रास्ता है।
इस बार भी राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि भारत तटस्थ नहीं है,भारत शांति के पक्ष में है,यूक्रेन युद्ध पर भारत की नीति काफी पहले से रही है।
फरवरी 2022 में यूक्रेन- रूस के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से भारत पुतिन और ज़ेलेंस्की दोनों के संपर्क में रहा है।पीएम मोदी ने ज़ेलेंस्की से कम से कम आठ बार फोन पर बात की है, दोनों नेता अलग अलग प्लेटफॉर्म पर कम से कम चार बार मिल चुके हैं।
अगस्त 2024 में यूक्रेन दौरे पर गए पीएम मोदी ने ज़ेलेंस्की से कहा था,हम युद्ध से दूर रहे हैं,लेकिन हम न्यूट्रल नहीं हैं,हम शांति के पक्ष में हैं,हम बुद्ध और गांधी की धरती से शांति का संदेश लेकर आए हैं।
भारत से हजारों सैकड़ों किलोमीटर दूर चल रहे यूक्रेन-रूस की लड़ाई की सीधा असर भारत की इकोनॉमी पर भी पड़ा है।भारत की ओर से रूस से कच्चा तेल खरीदने की से अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी पेनाल्टी टैरिफ लगा दिया है।

