बिहार चुनाव में महागठबंधन की करारी हार हुई है। कांग्रेस मात्र 6 सीट ही जीत पाई। हार के बाद पटना से दिल्ली तक हलचल है। कांग्रेस ने एक बड़ी बैठक बुलाई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर पर एक बड़ी बैठक हो रही है। बैठक में खुद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मौजूद हैं। उनके साथ में महासचिव केसी वेणुगोपाल शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक बिहार चुनाव के नतीजों पर मंथन के लिए कांग्रेस पार्टी ने यह बैठक बुलायी है। इस बैठक में चुनाव परिणामों की समीक्षा, संगठनात्मक कमजोरियों पर चर्चा और आगे की रणनीति तय करने पर विचार किया जा रहा है। पार्टी बिहार में मिली हार के कारणों को समझने की कोशिश करेगी।
बिहार में इन सीटों पर कांग्रेस की जीत –
वाल्मीकिनगर सीट से सुरेन्द्र प्रसाद ने जीत की दर्ज। –
चनपटिया विधानसभा क्षेत्र से अभिषेक रंजन विजयी रहे। –
फारबिसगंज सीट पर मनोज विश्वास ने अपना परचम लहराया है। –
अररिया विधानसभा क्षेत्र से आबिदुर रहमान ने प्रभावी जीत दर्ज की है। –
किशनगंज सीट से मोहम्मद कमरूल होदा जीते। –
मनिहारी सीट से मनोहर प्रसाद सिंह ने जीत हासिल की है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भी हारे चुनाव पिछली बार चुनाव में कांग्रेस 19 सीटें जीतने में सफल रही थी। इस बार बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार कुटुम्बा सीट से हार गए। वहीं, निवर्तमान विधानसभा में विधायक दल के नेता शकील अहमद खान को कदवा सीट पर जदयू उम्मीदवार दुलाल चंद्र गोस्वामी ने 18,368 मतों के अंतर से हराया। बिहार चुनाव के परिणाम आने के बाद राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया X पर लिखा, मैं बिहार के उन करोड़ों मतदाताओं का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने महागठबंधन पर अपना विश्वास जताया। बिहार का यह परिणाम चौंकाने वाला है। हम एक ऐसे चुनाव में जीत हासिल नहीं कर सके, जो शुरू से ही निष्पक्ष नहीं था। यह लड़ाई संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की है। कांग्रेस पार्टी और INDIA गठबंधन इस परिणाम की गहराई से समीक्षा करेंगे और लोकतंत्र को बचाने के अपने प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।

