कंकाल मिलने की सूचना पर पुलिस पहुंची। कंकाल और हत्या का हथियार देखकर यह कहकर वापस लौट गई कि यह तुम्हारा नहीं है तो जाने दो। दूसरे दिन उस कंकाल से कुछ दूरी पर लापता युवक की शर्ट मिलने पर उसकी पहचान हुई। पुलिस के बर्ताव पर गुस्से में परिजन व ग्रामीणों ने जाम लगाकर हंगामा किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अलीगढ़ में हरदुआगंज थाना अंतर्गत नगरीय भूड़ गांव से दस दिन पहले लापता युवक का टुकड़ों में कंकाल मिला है। कंकाल से कुछ दूरी पर मिली शर्ट से परिजनों ने युवक की पहचान की। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जलाली-पनैठी रोड पर जाम लगाकर हंगामा किया।
आरोप है कि 12 नवंबर को इसी कंकाल की सूचना देकर पुलिस को बुलाया गया। मौके पर कंकाल और हत्या का हथियार भी मिला, लेकिन पुलिस, परिजनों द्वारा शिनाख्त का आधार न बताने पर यह कहकर लौट गई, तुम्हारा नहीं है तो जाने दो।
अलीगढ़ पुलिस ने एक्स पर ट्विट करते हुए बताया कि युवक के गुमशुदा होने के सम्बन्ध में 5 नवंबर को प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना स्थानीय पर गुमशुदगी दर्ज की गई थी। 13 नवंबर को चंगेरी गांव के पास नहर की पटरी पर युवक का शव (कंकाल) मिलने की सूचना पर स्थानीय पुलिस द्वारा मौका मुआयना किया गया। फील्ड यूनिट टीम द्वारा साक्ष्य संकलित किये गये, शव को पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भेजा जा रहा है। सभी पहलुओं पर जांच प्रचलित की गई, तथ्यों के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जायेगी। सीओ अतरौली राजीव कुमार द्विवेदी ने कहा कि मामले में पुलिस की लापरवाही की भी जांच की जाएगी।
10 दिन से लापता था युवक
मृतक का नाम दिनेश उर्फ अबनू पुत्र वीरेंद्र पाल सिंह है, जोकि 3 नवंबर को शाम शेखाझील के पास से लापता हो गया था। 4 नवंबर को मृतक के भाई देवेंद्र सिंह ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। देवेंद्र का आरोप है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, पूछने पर अभद्रता की जाती।

