भोजपुर क्षेत्र में होटल स्वामी ने सफाईकर्मी अशोक कुमार (37) को मोबाइल चोरी का आरोप लगाकर इस कदर उत्पीड़न किया कि उसने भगतपुर क्षेत्र में ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। इस घटना के 18 दिन बाद एसएसपी के आदेश पर सफाईकर्मी की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने होटल स्वामी शानू के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है।
भगतपुर क्षेत्र के डूंगरपुर गांव निवासी अशोक कुमार के परिवार में पत्नी सरिता, दो बेटियां साक्षी (15), सोनाक्षी (13) और बेटा अनमोल (9) हैं। सरिता ने भगतपुर थाने में दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि उसके पति अशोक कुमार भोजपुर थानाक्षेत्र में गोधी हमीरपुर स्थित जुबली होटल में साफ सफाई का काम करते थे।
एक नवंबर की रात को जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। परिजन होटल स्वामी के पास जानकारी लेने पहुंचे तो उसने सही जानकारी नहीं दी। बताया कि वह ड्यूटी पर आया ही नहीं। इसके बाद सरिता और उनके परिजन भगतपुर थाने पहुंच गए और गुमशुदगी दर्ज कराई।
दो नवंबर को पता चला कि जलालपुर हाल्ट के पास एक नवंबर की सुबह करीब साढ़े आठ बजे एक व्यक्ति की ट्रेन से कटकर मौत हुई है। परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस जाकर शव देखकर मृतक की पहचान अशोक कुमार के रूप में की। अंतिम संस्कार करने के बाद परिजन दोबारा होटल गए तब पता चला कि 31 अक्तूबर को होटल में एक ग्राहक का मोबाइल चोरी हो गया था।
होटल स्वामी शानू ने अशोक कुमार पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाकर खुद ही उससे पूछताछ शुरू की। महिला का दावा है कि उसके पति ने मोबाइल चोरी नहीं किया लेकिन फिर भी उन्हें कमरे में बंद कर टार्चर किया गया। स्वामी शानू ने पुलिस बुला ली।
इसके बाद सिरसवां दोराहा पुलिस चौकी में भी अशोक से पूछताछ की गई। रात करीब 12 बजे अशोक को चौकी से छोड़ दिया गया लेकिन उसने घर आकर कुछ नहीं बताया और अगले दिन घर से निकल गए। महिला का आरोप है कि उसके पति को इतना टार्चर किया गया कि उन्होंने परेशान होकर आत्महत्या कर ली है।
शिकायतकर्ता की सुपुर्दगी में दे दिया था अशोक
अशोक कुमार के भाई दीक्षित कुमार का कहना है कि होटल स्वामी की शिकायत पर उसके भाई को पकड़कर सिरसवां दोराहा पुलिस चौकी ले गई थी। उसने आरोप लगाया कि पुलिस चौकी में अशोक से पूछताछ की गई लेकिन परिवार के लोगों को इसकी जानकारी नहीं दी गई।
जिस होटल स्वामी ने शिकायत की थी, पुलिस ने अशोक को उसके ही हवाले कर दिया। 18 दिन तक परिजन भोजपुर और भगतपुर थाने के चक्कर लगाते रहे लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। एसएसपी सतपाल अंतिल से शिकायत की गई, तब जाकर पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है।
अशोक की पत्नी की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। अशोक को पूछताछ के लिए पुलिस चौकी लाया गया था, इसके बाद उसे घर भेज दिया गया था। पुलिसकर्मियों ने अशोक के बयान भी दर्ज किए थे। इस मामले में विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। – कुंवर आकाश सिंह, एसपी देहात

