उत्तर प्रदेश की राजनीति में जिस खतरे की आशंका जताई जा रही थी, अब वही खतरा एक सनसनीखेज रिपोर्ट बनकर सामने आ चुका है… इसी SIR को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस लगातार चेतावनी दे रही थीं कि यह सभी दलों को नुकसान पहुंचाएगा, इसी SIR ने अब सबसे बड़ा झटका भारतीय जनता पार्टी को दे दिया है…
अंदरखाने तैयार हुई लोकसभावार रिपोर्ट भाजपा आलाकमान की नींद उड़ा दी है… आंकड़े साफ चीख-चीख कर बता रहे हैं कि जिन लोकसभा सीटों पर भाजपा सबसे ज्यादा वोट हासिल किए थे,उन्ही सीटों पर सबसे ज्यादा वोट कटे हैं… यानी जिन किलों पर बीजेपी सबसे मजबूत थी, अब वहीं सबसे गहरी सेंध लग चुकी है… दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी की जीती हुई सीटों पर वोट कटौती का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहा… यह वही रिपोर्ट है जिसने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सत्ता के गलियारों में खलबली मचा दी है…
2024 में बीजेपी ने जिन सीटों पर दम दिखाया था, आज उन्हीं इलाकों में 25 से 30 प्रतिशत तक वोटरों के नाम गायब हैं… नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर, प्रयागराज, लखनऊ जैसे शहरी और सेमी-अर्बन इलाके, जो बीजेपी की रीढ़ माने जाते थे, वहां सबसे बड़ा नुकसान दर्ज हुआ है… यही नहीं, भाजपा के खाटी वोट बैंक कहे जाने वाले तबकों में भी भारी कटौती सामने आई है… जबकि समाजवादी पार्टी के गढ़ माने जाने वाले इलाकों में औसतन 15 से 20 प्रतिशत की कटौती हुई है…
सियासी जानकार मान रहे हैं कि यह सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि 2027 की तस्वीर का ट्रेलर है… इसी SIR के सहारे बीजेपी विपक्ष को घेर रही थी,यही SIR अब बीजेपी के लिए सियासी बूमरैंग बन गया है… अंदर की खबर ये है कि इस रिपोर्ट के बाद बीजेपी के रणनीतिकार बैकफुट पर हैं… मिशन 27 की पूरी गणित गड़बड़ा गई है… मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आक्रामक राजनीति, गृह मंत्री अमित शाह की चुनावी मशीनरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी ब्रांडिंग—तीनों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है
क्योंकि हकीकत यही है कि अगर वोट लिस्ट से नाम सबसे ज्यादा वहीं कटे हैं जहां बीजेपी मजबूत थी, तो नुकसान भी सबसे ज्यादा बीजेपी को ही होगा… यही वजह है कि अब विपक्ष हमलावर है और सत्ता पक्ष खामोश… समाजवादी पार्टी इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है तो कांग्रेस इसे वोट चोरी करार दे रही है… लेकिन सियासत की असली कहानी ये है कि SIR ने यूपी की चुनावी बिसात उलट-पलट दी है… 2027 से पहले बीजेपी के लिए ये सबसे बड़ा चेतावनी संकेत है… और अगर यही ट्रेंड जारी रहा… तो वो दिन दूर नहीं जब यही SIR, सत्ता की चौकड़ी की सबसे बड़ी कमजोरी बन जाएगा…
ब्यूरो रिपोर्ट सुमित शर्मा सैम टीवी डिजिटल

