लखनऊ। लगभग ढाई दशक पहले शुरू हुई प्रतीक यादव और अपर्णा यादव की प्रेम कहानी अब खत्मे के कगार पर है।पहले लगभग आठ साल रिलेशनशिप और फिर 14 वर्षों से पति-पत्नी के रूप में रह रहे प्रतीक और अपर्णा अपनी राहें जुदा करने वाले हैं।इस खबर ने उस समय सनसनी फैलाई जब @iamprateekyadav नाम के इंस्टा अंकाउट से सोमवार को एक पोस्ट की गई,जिसमें अपर्णा से तलाक की घोषणा थी।
देखते ही देखते ये खबर की सबसे बड़ी खबर बन गई
देखते ही देखते खबर यूपी की सबसे बड़ी खबर बन गई। बनना भी था,क्योंकि प्रतीक और अपर्णा अपने-अपने क्षेत्र के दिग्गज हैं।अपर्णा यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं, तो प्रतीक का अपना बिजनेस और जिम वगैरह हैं।इससे भी बड़ी बात की प्रतीक सपा संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के बेटे हैं और सपा मुखिया अखिलेश यादव के भाई हैं।
अपर्णा को बताया घर तोड़ने वाला
फिल्म जगत में तलाक एक आम बात होगी,लेकिन सियासी रसूख रखने वाले घरों में तलाक आम बात नहीं हैं।बड़ी हैरानी वाली बात यह है कि प्रतीक ने जिस भाषा में पोस्ट लिखी है, वह हम आपको पढ़कर तो नहीं सुना सकते,लेकिन उसमें उनका दर्द साफ झलक रहा है।प्रतीक ने अपर्णा को घर तोड़ने वाला,मतलबी,स्वार्थी,सत्ता के लिए महत्वाकांक्षी महिला बताया।पोस्ट सामने आई तो इसके असली और नकली होने की बातें होने लगीं। कहा जाने लगा कि शायद अकाउंट हैक हो गया है।
दुर्भाग्य था कि उनकी शादी अपर्णा से हुई
इंस्टाग्राम अकाउंट से की गई पोस्ट में प्रतीक यादव ने लिखा कि उनका दुर्भाग्य था कि उनकी शादी अपर्णा से हुई।उन्होंने उनके पारिवारिक संबंध तोड़ दिए,उन्हें मानसिक रूप से बेहद परेशान कर दिया है।
सबसे बड़ी झूठी महिला भी कहा
अपर्णा के भाई ने मीडिया को यह बताया भी कि उकाउंट हैक हो गया है। इसकी शिकायत की जा रही है,लेकिन इसके कुछ घंटे बाद ही एक दूसरी पोस्ट ने लोगों को फिर चौंका दिया। इसमें प्रतीक यादव ने बच्चों की कसम खाते हुए अपर्णा को जिंदगी में देखी गई सबसे बड़ी झूठी महिला बताया।प्रतीक आरोप दोहराए कि उन्होंने परिवार से रिश्ते खत्म करा दिए हैं।हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर अपर्णा यादव की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अपर्णा और उनके करीबी मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं।तलाक विवाद के बीच अपर्णा के इंस्टाग्राम अकाउंट पर भाजपा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव से जुड़ा एक वीडियो साझा किया गया है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि निजी विवाद के बावजूद वह राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हैं।
अपर्णा- प्रतीक के रिश्तों में खटास ताजी नहीं
दरअसल अपर्णा और प्रतीक के रिश्तों में खटास ताजी नहीं बल्कि,उस समय से मानी जा रही है,जब से अपर्णा ने सपा का साथ छोड़कर राजनीतिक पाला बदला था। अब इंस्टाग्राम पर की गई पोस्ट ने इस निजी विवाद को सार्वजनिक और सियासी बहस में बदल दिया है। अपर्णा और प्रतीक के रिश्ते में आई दरार के लिए सियासी पृष्ठभूमि भी अहम मानी जा रही है।साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले अपर्णा ने समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। इससे पहले अपर्णा 2017 में सपा के टिकट पर लखनऊ कैंट सीट से चुनाव लड़ी थीं,लेकिन भाजपा की रीता बहुगुणा जोशी से हार गई थीं। 2022 में दोबारा चुनाव लड़ने की इच्छा के बावजूद सपा से टिकट नहीं मिलने पर वह भाजपा के पाले में चली गईं। हालांकि अपर्णा चुनाव नहीं लड़ पाईं। फिलहाल वह राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं।
सैफई में आयोजित भव्य समारोह में हुआ था विवाह
बता दें कि 38 वर्षीय प्रतीक यादव और 36 वर्षीय अपर्णा यादव का प्रेम-विवाह 4 दिसंबर 2011 को सैफई में बेहद भव्य समारोह में हुआ था।इससे पहले दोनों के बीच लगभग 10 साल तक रिश्ता रहा।स्कूली दिनों में शुरू हुई यह दोस्ती प्रेम में बदली और फिर यादव परिवार की चर्चित शादी बनी। लेकिन, अब 14 साल बाद यह रिश्ता टूटने की कगार पर है।
दोनों लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास में रहते थे। जिस दिन तलाक की पोस्ट सामने आई,उस दिन अपर्णा यादव चेन्नई में थीं,जबकि प्रतीक यादव विदेश में बताए जा रहे हैं। प्रतीक मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे हैं और अखिलेश यादव के सौतेले भाई हैं।अपर्णा मुलायम परिवार की छोटी बहू हैं और दो बच्चों की मां भी हैं।

