कोरिनेबैक्टीरियम डिप्थीरिया…ये कीटाणु समय के साथ मारक हो रहा है। अब ये 16 साल तक की उम्र के किशोरों के लिए भी घातक साबित हो रहा है। इसके बढ़ते खतरे को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से 10 और 16 साल की उम्र में भी टीका लगवाया जा रहा है। सर्दी में डिप्थीरिया का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि डिप्थीरिया (गलघोंटू) का टीका 5 साल तक के बच्चों को लगता था। ये कीटाणु खतरनाक होता जा रहा है। अब ये 16 साल तक के किशोरों में भी बीमारी की वजह बन रहा है। 2021 से अब तक गलघोंटू के 247 संदिग्ध मरीज मिले हैं। इसमें से 105 की उम्र 5 साल तक की है। 7 से 16 साल तक की उम्र के 142 मरीज पाए गए हैं।

